Tag: हिन्दी कहानियाँ

Unth aur Siyar Story in Hindi | ऊंट और सियार की कहानी

एक गाँव मे एक ऊंट रहा करता था। वह प्रतिदिन पास ही के एक हरे-भरे जंगल मे चरने जाता था। ऊंट बड़ा सीधा-साधा था। एक सियार उसका मित्र था। सियार बड़ा चालाक था। वह ऊंट की सवारी भी करता था और वक्त-बेवक्त उसके लिए संकट भी पैदा करता था। ऊंट को चूँकि आज तक कोई

प्रेरणादायी कहानी – मेढ़को की दौड़ प्रतियोगिता | Frogs Race Competition

    मेढ़को की दौड़ प्रतियोगिता | Frogs Race Competition एक बार की बात है ,एक नगर मे एक सरोवर था जिसके बीचोबीच उस नगर के राजा ने एक ऊंचा सा खम्भा लगवाया था । उस सरोवर मे ही ढ़ेर सारे मेढक रहते थे ,एक दिन मेढ़को के दिमाग मे आया क्यो न एक race करायी

Failure is The Best Teacher Story : आपकी असफलता अच्छा शिक्षक हैं |

आपकी असफलता अच्छा शिक्षक  हैं- Hindi Motivational Story थॉमस अल्वा एडिसन, ये नाम है उस छोटे से बच्चे का जिसे लोग मूर्ख समझा करते थे | बचपन में अपनी कई शरारतों की वजह से इसको स्कूल से भी निकाल दिया गया | एडिसन का एक famous किस्सा तो सभी जानते ही होंगे जब एक बार

सोच का नज़रिया |The Black Dot मोरल स्टोरी हिंदी

Inspirational Moral Story एक बार एक प्रोफ़ेसर ने कक्षा में प्रवेश किया और अपने विद्यार्थियों की परीक्षा लेने का निर्णय किया| अचानक टेस्ट लेने के निर्णय के कारण विद्यार्थी चिंतित हो गए| प्रोफ़ेसर ने सभी विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र दिया जिसमें बहुत सारे प्रश्न लिखे हुए थे| सभी को प्रश्नपत्र देने के बाद प्रोफ़ेसर ने विद्यार्थियों

इंसानियत – शिक्षाप्रद कहानी

क्या खूब कहा हैं किसी ने “जरुरी नहीं जिसमें सांसे नहीं वोही मुर्दा हैं , जिसमे इंसानियत नहीं वो भी तो मुर्दा ही हैं” friends इस दुनिया में सबसे बड़ा हथियार सा सबसे बड़ी ताकत हैं तो इंसानियत सबसे अहम् चीस हैं तो वोहे इंसानियत, अगर आप कोई बुरा काम कर रहें है और सोचते है

आप भी भगवन पर हँसतें हैं – शिक्षाप्रद कहानी!!

“उपर वाले ने भी क्या कमाल कर दिया उसने भी आज बेमिसाल कर दिया बोहुत ही खूब एक प्राणी बनाया और उसका एक ही नाम इंसान दे दिया” दोस्तों वैसे पुरें विश्व या फिर बात करें तो पुरें universe में एक ही ऐसा प्राणी हैं जो सबसे बुद्धिमान हैं वो है हम इंसान क्यों की ऊपर

संगति का असर : Effect of Constansy |Inspiring Story In Hindi

बात उस समय की है जब राजा विक्रमादित्य उज्जैन के राजा थे | राजा विक्रमादित्य न्यायपालक न्यायप्रिय राजा थे |उन्होंने अपने राज्य में यह एलान करा रखा था कि – राज्य की बाजार में शाम तक जिस व्यक्ति का कोई भी सामन नहीं बिकेगा उस सामन को राजा , मंत्री और सैनिक जाकर उस वस्तु