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संपूर्ण बैताल पचीसी – Vikram Baital Complete Stories In Hindi

Vikram Baital Complete Stories In Hindi बैताल पचीसी  (वेताल पचीसी या बेताल पच्चीसी ; संस्कृत: बेतालपञ्चविंशतिका) पच्चीस कथाओं से युक्त एक कथा ग्रन्थ है। इसके रचयिता बेतालभट्ट बताये जाते हैं जो न्याय के लिये प्रसिद्ध राजा विक्रम के नौ रत्नों में से एक थे। ये कथायें राजा विक्रम की न्याय-शक्ति का बोध कराती हैं। बेताल प्रतिदिन एक

माँ-बेटी के बच्चों में क्या रिश्ता हुआ? चौबीसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

माँ-बेटी के बच्चों में क्या रिश्ता हुआ? किसी नगर में मांडलिक नाम का राजा राज करता था। उसकी पत्नी का नाम चडवती था। वह मालव देश के राजा की लड़की थी। उसके लावण्यवती नाम की एक कन्या थी। जब वह विवाह के योग्य हुई तो राजा के भाई-बन्धुओं ने उसका राज्य छीन लिया और उसे

योगी पहले क्यों रोया, फिर क्यों हँसा? तेईसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

कलिंग देश में शोभावती नाम का एक नगर है। उसमें राजा प्रद्युम्न राज करता था। उसी नगरी में एक ब्राह्मण रहता था, जिसके देवसोम नाम का बड़ा ही योग्य पुत्र था। जब देवसोम सोलह बरस का हुआ और सारी विद्याएँ सीख चुका तो एक दिन दुर्भाग्य से वह मर गया। बूढ़े माँ-बाप बड़े दु:खी हुए।

शेर बनाने का अपराध किसने किया? बाईसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

कुसुमपुर नगर में एक राजा राज्य करता था। उसके नगर में एक ब्राह्मण था, जिसके चार बेटे थे। लड़कों के सयाने होने पर ब्राह्मण मर गया और ब्राह्मणी उसके साथ सती हो गयी। उनके रिश्तेदारों ने उनका धन छीन लिया। वे चारों भाई नाना के यहाँ चले गये। लेकिन कुछ दिन बाद वहाँ भी उनके

सबसे ज्यादा प्रेम में अंधा कौन था? इक्कीसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

सबसे ज्यादा प्रेम में अंधा कौन था? विशाला नाम की नगरी में पदमनाभ नाम का राजा राज करता था। उसी नगर में अर्थदत्त नाम का एक साहूकार रहता था। अर्थदत्त के अनंगमंजरी नाम की एक सुन्दर कन्या थी। उसका विवाह साहूकार ने एक धनी साहूकार के पुत्र मणिवर्मा के साथ कर दिया। मणिवर्मा पत्नी को

बालक क्यों हँसा? बीसवीं कहानी!|विक्रम – बैताल Hindi Story

बालक क्यों हँसा? चित्रकूट नगर में एक राजा रहता था। एक दिन वह शिकार खेलने जंगल में गया। घूमते-घूमते वह रास्ता भूल गया और अकेला रह गया। थक कर वह एक पेड़ की छाया में लेटा कि उसे एक ऋषि-कन्या दिखाई दी। उसे देखकर राजा उस पर मोहित हो गया। थोड़ी देर में ऋषि स्वयं

पिण्ड दान का अधिकारी कौन ? उन्नीसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

पिण्ड दान का अधिकारी कौन ? वक्रोलक नामक नगर में सूर्यप्रभ नाम का राजा राज करता था। उसके कोई सन्तान न थी। उसी समय में एक दूसरी नगरी में धनपाल नाम का एक साहूकार रहता था। उसकी स्त्री का नाम हिरण्यवती था और उसके धनवती नाम की एक पुत्री थी। जब धनवती बड़ी हुई तो