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Chotha Chor | चोथा चोर (लोक कथा) कहानी

Chotha Chor | चोथा चोर (लोक कथा) कहानी

एक गाँव मे तीन पहुंचे हुवे चोर रहा करते थे। वे अगर रोज़ चोरी करते थे, तब भी कोई उन्हें पकड़ नहीं पता था। उनका नाम लेते ही रईसो के दिल थम जाते थे। तो राजा ने खुद उनको पड़ने की ठानी। इसलिए वह हर रात वेष बदलकर उनकी तलाश मे फिरता। इस तरह एक - एक कर के कई रात्रियाँ गुजर गई। घूमते - घूमते वह एक ऐसी जगह, अंधेरे मे पहुंचा, जहां चोर रहा करते थे। जब राजा वहाँ गया तो चोर सोच रहे थे की अगली चोरी कैसे की जाए।  नए चोर को देख कर उन्हे कुछ सन्देह - सा हुआ। "तुम कोण हो, यहाँ क्यों आए हो ?" उन्होने राजा से पूछा। "मैं भी एक चोर हूँ। यह सुन के की तुम इलाके मे मशहूर चोर हो, मैं भी तुम्हें अपना हुनर दिखने आया हु। " ऐसा राजा ने कहा। चोरों ने हंस कर पूछा, "क्या तुमने किसी के मुंह से हमारी शक्ति के बारे मे सुना है ?" "नहीं तो, कहो, मैं सुनना चाहता हूँ।" राजा ने कहा। तभी पहले चोर ने कहा की "चाहे कितना भी बड़ा ताला हो,
Unth aur Siyar Story in Hindi | ऊंट और सियार की कहानी

Unth aur Siyar Story in Hindi | ऊंट और सियार की कहानी

एक गाँव मे एक ऊंट रहा करता था। वह प्रतिदिन पास ही के एक हरे-भरे जंगल मे चरने जाता था। ऊंट बड़ा सीधा-साधा था। एक सियार उसका मित्र था। सियार बड़ा चालाक था। वह ऊंट की सवारी भी करता था और वक्त-बेवक्त उसके लिए संकट भी पैदा करता था। ऊंट को चूँकि आज तक कोई बड़ा नुकसान बही हुआ था, इसलिए वह भी उसके उल्टी-सीधी हरकतों पे ज्यादा ध्यान नहीं देता था। एक दिन सियार ने उस से कहा- “ऊंट भाई! पास ही में एक बड़ा खेत है, जिसमे मोटी-मोटी ककड़िया लगी हुई हैं। चलो खाने चलें, इधर मे भी सड़ा-गला स्वादधीन भोजन कर के उकता चुका हूँ। इसी बहाने खान-पान में बदलाव हो जाएगा।“ सियार ने कुछ इस ढंग से ककड़ियो की तारीफ की कि ऊंट ककड़ियाँ खाने को बैचेन हो उठा और उसके साथ चल दिया। ककड़ियों के बारे मे सोच-विचार कर रास्ते भर ऊंट के मुह में पानी आता रहा। खेत पार पहुँच कर सियार ने ककड़ियाँ खाना सुरू कर दीं। छोटा जीव होने के कारण उसका पेट
आत्महत्या : प्रेरक कहानी | Suicide : A Story For Upset Students [ Motivational ]

आत्महत्या : प्रेरक कहानी | Suicide : A Story For Upset Students [ Motivational ]

एक 15 साल का नवजवान था, जो कि परीक्षा मे fail हो गया था,और घरवालो के डांटे जाने से बहुत ही ज्यादा परेशान था । fail होने की वजह से बाहर पड़ोसियों के ताने, दोस्तो द्वारा उसका मज़ाक बनाये जाने को सोचकर उसकी परेशानियां इतनी बढ़ गयी कि उसे लगा कि शायद उसे इस दिन मे नही रहना चाहिए, उसका इस संसार मे कोई नही । आत्महत्या के लिए उसे सबसे अच्छा साधन फांसी लगाना लगा। क्योंकि घर पर पेशे वाले और सब घर से बाहर अपने पेशे से बाहर निकल गए थे । उसे लगा यह एक पर्याप्त समय रहेगा सब को छोड़ कर जाने का । कुछ ऐसा हुआ कि उसने प्रण किया अब उसे इस संसार को अलविदा कहना ही चाहिए । उसने रस्सी बांधी और जैसे ही उसने छत पर देखा तो छत ने उससे कहा - ऊंचे उद्देश् रखो ,यही उच्चे उद्देश् तुम्हे और ऊपर ले जाएंगे ,लेकिन वह लड़का न माना और उसने रस्सी ली और अपने पंखे पर जैसे ही डालता है पंखा उससे कहता है - ठंडे से रहो ,और आगे बढ़ने के प
प्रेरणादायी कहानी – मेढ़को की दौड़ प्रतियोगिता | Frogs Race Competition

प्रेरणादायी कहानी – मेढ़को की दौड़ प्रतियोगिता | Frogs Race Competition

    मेढ़को की दौड़ प्रतियोगिता | Frogs Race Competition एक बार की बात है ,एक नगर मे एक सरोवर था जिसके बीचोबीच उस नगर के राजा ने एक ऊंचा सा खम्भा लगवाया था । उस सरोवर मे ही ढ़ेर सारे मेढक रहते थे ,एक दिन मेढ़को के दिमाग मे आया क्यो न एक race करायी जाय जिसमे जो मेढक इस खम्भे पर सबसे ऊपर तक सबसे पहले चढ़ जायेगा वही विजेता माना जायेगा। Race की तैयारी जोरो शोरो से शुरू हुई , बहुत सारे पशु पक्षी भी बुलाये गए । आखिर Race का दिन आ ही गया । आसपास के इलाकों से भी बहुत सारे मेढक दौड़ प्रतियोगिता मे भाग लेने के लिए आये। race start हुई लेकिन खम्भे को देखकर भीड़ मे एकत्र हुए मेढ़को को यह लग रहा था कि उनके लिए इस पर चढ़ना असंभव जैसा है ।हर तरफ से लोग यही कह रहे थे अरे यह बहुत कठिन है ,देखो तो यह खंभा कितना ऊंचा है ,वे कभी भी यह Race पूरी नही कर पाएंगे ।सफलता का कोई सवाल ही नही इतने उच्चे खम्भे पर तो चढ़ा ही नही जा
Nepoliyan Motivational Story in Hindi | नेपोलियन : impossible शब्द मेरी Dictionary में नहीं

Nepoliyan Motivational Story in Hindi | नेपोलियन : impossible शब्द मेरी Dictionary में नहीं

                                  असंभव शब्द मूर्खो के शब्द कोष में दोस्तों , आज की कहानी Nepoliyan Bonapart से Related है , जो कि फ्रांस की क्रांति के सेनापति थे | चलिए जानते हैं , Nepoliyan Bonapart Motivation Story In Hindi - आल्प्स पर्वत के नीचे एक झोपडी थी उसमे एक बुढ़िया रहती थी नेपोलियन को सेना के साथ देखकर वह बाहर निकली और उसके पास जाकर बोली | यु वक क्या करने जा रहे हो तुम इस दुर्गम पर्वत पर चढ़ने का दुस्साहस न करो लौट जाओ | अनेक साहसी वीरों ने इस काम मे प्राण गवाए हैं | नेपोलियन ने दृढ़ता से उत्तर दिया माँ मै एक बार आगे पैर बढाकर फिर पीछे नहीं हटाता | अब तो मार्ग में जो भी विघ्न – बाधाए मिलेंगी उन्हें पार करके मै आगे ही बढूँगा | यदि मै इस कार्य में सफल हुआ तो संसार मेरी प्रशंसा करेगा |और यदि मै मर गया तो कम से कम तुम तो मेरे साहस – शौर्य की सराहना करोगी ही | अब मै रुक नहीं सकता तु
ईश्वर को पत्र | A Letter to God –  Very Intrusting Story [Hindi]

ईश्वर को पत्र | A Letter to God – Very Intrusting Story [Hindi]

       ईश्वर को पत्र | A Letter to God -  Very Intrusting Story [Hindi] एक व्यक्ति था, जिसका नाम लेंचो था , जो कि एक बड़ी सी पहाड़ी पर अकेला अपने परिवार के साथ रहता था। उसी पहाड़ी पर उसका एक छोटा सा घर था जिससे खिड़कियों से झांकने पर वह अपने हरे भरे खेत को देख सकता था ,जिसे देखने पर उसका दिल खुशी से भर जाता था । फसल को अच्छी होने के लिए केवल एक चीज की आवश्यकता थी वह थी एक हल्की बरसात की । रात को अपने परिवार के साथ खाना खाने के लिए लैंचो जैसे ही बैठा की तेज हवाए चलने लगी और बादल घिर गए यह देखकर लेंचो बहुत ही ज्यादा खुश हुआ और खाना छोड़कर खुशी से बाहर की ओर भागा ,उसके छोटे बच्चे भी लेंचो के पीछे भागे छोटी छोटी बूंदों का गिरना start हुआ यह देखकर लेंचो अपनी पत्नी से कहता है - प्रिये ये बूंदे नही है ये छोटे छोटे सीक्के हैं जो हमारी फसल पर गिर रहे हैं , लेकिन तभी होता क्या है बरसात के साथ बर्फ के ग
इंसानियत – शिक्षाप्रद कहानी

इंसानियत – शिक्षाप्रद कहानी

क्या खूब कहा हैं किसी ने "जरुरी नहीं जिसमें सांसे नहीं वोही मुर्दा हैं , जिसमे इंसानियत नहीं वो भी तो मुर्दा ही हैं" friends इस दुनिया में सबसे बड़ा हथियार सा सबसे बड़ी ताकत हैं तो इंसानियत सबसे अहम् चीस हैं तो वोहे इंसानियत, अगर आप कोई बुरा काम कर रहें है और सोचते है की आपको कोई नहीं देख रहा पर इतना याद रखिये आप खुद तो उसे देख रहें है न ऊपर वाला आपको देख रहा हैं और यही सोच कर आप उस बुरें काम को तुरंत छोड़ देतें हैं तो यही होती है इंसानियत किसी वस्तु किसी ज़िव के प्रति प्यार दिखाना उसको समजना यही तो हैं इंसानियत ,friends आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी कहने जा रहें हैं जो साबित करती हैं "इंसान तो हर घर में पैदा होते हैं पर इंसानियत कही-कही जन्म लेती हैं" इंसानियत एक समय की बात है एक छोटा सा गाँव था जहाँ के लोग रोजमर्रा के कामों व अपने शांत वातावरण में खुश रहते थे| उसी गाँव से कुछ दूरी पर एक आश्रम