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आप भी भगवन पर हँसतें हैं – शिक्षाप्रद कहानी!!

आप भी भगवन पर हँसतें हैं – शिक्षाप्रद कहानी!!

"उपर वाले ने भी क्या कमाल कर दिया उसने भी आज बेमिसाल कर दिया बोहुत ही खूब एक प्राणी बनाया और उसका एक ही नाम इंसान दे दिया" दोस्तों वैसे पुरें विश्व या फिर बात करें तो पुरें universe में एक ही ऐसा प्राणी हैं जो सबसे बुद्धिमान हैं वो है हम इंसान क्यों की ऊपर वाले ने हमें सब कुछ दिया हैं पर कभी कभी हम गलती करतें हैं और ऊपर वाले की इस अनोखी बनावट पर हँसते है और ऊपर वाले का मजाक बना देतें हैं दोस्तों वैसे मेने जो बात कही वो एकदम सिंपल हैं फिर भी आज एक कहानी से जानेंगे की हम जाने-अनजाने में ऊपर वाले का मजाक बना देतें हैं.... आप भी भगवान पर हँसते है ? ऋषि अष्टावक्र का शरीर कई जगह से टेढ़ा-मेढ़ा था इसलिए वे अच्छे नहीं दिखते थे। एक दिन जब ऋषि अष्टावक्र राजा जनक की सभा में पहुंचे तो उन्हें देखते ही सभा के सभी सदस्य हंस पड़े। ऋषि अष्टावक्र सभा के सदस्यों को हंसता देखकर वापस लौटने लगे। यह देखकर राजा
संपूर्ण बैताल पचीसी – Vikram Baital Complete Stories In Hindi

संपूर्ण बैताल पचीसी – Vikram Baital Complete Stories In Hindi

Vikram Baital Complete Stories In Hindi बैताल पचीसी  (वेताल पचीसी या बेताल पच्चीसी ; संस्कृत: बेतालपञ्चविंशतिका) पच्चीस कथाओं से युक्त एक कथा ग्रन्थ है। इसके रचयिता बेतालभट्ट बताये जाते हैं जो न्याय के लिये प्रसिद्ध राजा विक्रम के नौ रत्नों में से एक थे। ये कथायें राजा विक्रम की न्याय-शक्ति का बोध कराती हैं। बेताल प्रतिदिन एक कहानी सुनाता है और अन्त में राजा से ऐसा प्रश्न कर देता है कि राजा को उसका उत्तर देना ही पड़ता है। उसने शर्त लगा रखी है कि अगर राजा बोलेगा तो वह उससे रूठकर फिर से पेड़ पर जा लटकेगा। लेकिन यह जानते हुए भी सवाल सामने आने पर राजा से चुप नहीं रहा जाता। (क्रेडिट - hi.wikipedia.org) बैताल पचीसी की कहानियाँ भारत की सबसे लोकप्रिय कथाओं में से हैं। इनका स्रोत राजा सातवाहन के मन्त्री “गुणाढ्य” द्वारा रचित “बड कहा” (संस्कृत: बृहत्कथा) नामक ग्रन्थ को दिया जाता है जिसकी रचना ई. पूर
पिण्ड दान का अधिकारी कौन ? उन्नीसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

पिण्ड दान का अधिकारी कौन ? उन्नीसवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

पिण्ड दान का अधिकारी कौन ? वक्रोलक नामक नगर में सूर्यप्रभ नाम का राजा राज करता था। उसके कोई सन्तान न थी। उसी समय में एक दूसरी नगरी में धनपाल नाम का एक साहूकार रहता था। उसकी स्त्री का नाम हिरण्यवती था और उसके धनवती नाम की एक पुत्री थी। जब धनवती बड़ी हुई तो धनपाल मर गया और उसके नाते-रिश्तेदारों ने उसका धन ले लिया। हिरण्यवती अपनी लड़की को लेकर रात के समय नगर छोड़कर चल दी। रास्ते में उसे एक चोर सूली पर लटकता हुआ मिला। वह मरा नहीं था। उसने हिरण्यवती को देखकर अपना परिचय दिया और कहा, "मैं तुम्हें एक हज़ार अशर्फियाँ दूँगा। तुम अपनी लड़की का ब्याह मेरे साथ कर दो।" हिरण्यवती ने कहा, "तुम तो मरने वाले हो।" चोर बोला, "मेरे कोई पुत्र नहीं है और निपूते की परलोक में सदगति नहीं होती। अगर मेरी आज्ञा से और किसी से भी इसके पुत्र पैदा हो जायेगा तो मुझे सदगति मिल जायेगी।" हिरण्यवती ने लोभ के वश होकर उसकी बा
अधिक साहसी कौन|सत्रहवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

अधिक साहसी कौन|सत्रहवीं कहानी!!|विक्रम – बैताल Hindi Story

चन्द्रशेखर नगर में रत्नदत्त नाम का एक सेठ रहता था। उसके एक लड़की थी। उसका नाम था उन्मादिनी। जब वह बड़ी हुई तो रत्नदत्त ने राजा के पास जाकर कहा कि आप चाहें तो उससे ब्याह कर लीजिए। राजा ने तीन दासियों को लड़की को देख आने को कहा। उन्होंने उन्मादिनी को देखा तो उसके रुप पर मुग्ध हो गयीं, लेकिन उन्होंने यह सोचकर कि राजा उसके वश में हो जायेगा, आकर कह दिया कि वह तो कुलक्षिणी है राजा ने सेठ से इन्कार कर दिया। इसके बाद सेठ ने राजा के सेनापति बलभद्र से उसका विवाह कर दिया। वे दोनों अच्छी तरह से रहने लगे। एक दिन राजा की सवारी उस रास्ते से निकली। उस समय उन्मादिनी अपने कोठे पर खड़ी थी। राजा की उस पर निगाह पड़ी तो वह उस पर मोहित हो गया। उसने पता लगाया। मालूम हुआ कि वह सेठ की लड़की है। राजा ने सोचा कि हो-न-हो, जिन दासियों को मैंने देखने भेजा था, उन्होंने छल किया है। राजा ने उन्हें बुलाया तो उन्होंने आकर
सबसे बड़ा काम किसने किया? – सोलहवीं कहानी |विक्रम – बैताल Hindi Story

सबसे बड़ा काम किसने किया? – सोलहवीं कहानी |विक्रम – बैताल Hindi Story

सबसे बड़ा काम किसने किया? हिमाचल पर्वत पर गंधर्वों का एक नगर था, जिसमें जीमूतकेतु नामक राजा राज करता था। उसके एक लड़का था, जिसका नाम जीमूतवाहन था। बाप-बेटे दोनों भले थे। धर्म-कर्म मे लगे रहते थे। इससे प्रजा के लोग बहुत स्वच्छन्द हो गये और एक दिन उन्होंने राजा के महल को घेर लिया। राजकुमार ने यह देखा तो पिता से कहा कि आप चिन्ता न करें। मैं सबको मार भगाऊँगा। राजा बोला, "नहीं, ऐसा मत करो। युधिष्ठिर भी महाभारत करके पछताये थे।" इसके बाद राजा अपने गोत्र के लोगों को राज्य सौंप राजकुमार के साथ मलयाचल पर जाकर मढ़ी बनाकर रहने लगा। वहाँ जीमूतवाहन की एक ऋषि के बेटे से दोस्ती हो गयी। एक दिन दोनों पर्वत पर भवानी के मन्दिर में गये तो दैवयोग से उन्हें मलयकेतु राजा की पुत्री मिली। दोनों एक-दूसरे पर मोहित हो गये। जब कन्या के पिता को मालूम हुआ तो उसने अपनी बेटी उसे ब्याह दी। एक रोज़ की बात है कि जीमूतवाहन को
बेताल पच्चीसी – पच्चीसवीं कहानी!!

बेताल पच्चीसी – पच्चीसवीं कहानी!!

योगी राजा को और मुर्दे को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। बोला, "हे राजन्! तुमने यह कठिन काम करके मेरे साथ बड़ा उपकार किया है। तुम सचमुच सारे राजाओं में श्रेष्ठ हो।"   इतना कहकर उसने मुर्दे को उसके कंधे से उतार लिया और उसे स्नान कराकर फूलों की मालाओं से सजाकर रख दिया। फिर मंत्र-बल से बेताल का आवाहन करके उसकी पूजा की। पूजा के बाद उसने राजा से कहा, "हे राजन्! तुम शीश झुकाकर इसे प्रणाम करो।"   राजा को बेताल की बात याद आ गयी। उसने कहा, "मैं राजा हूँ, मैंने कभी किसी को सिर नहीं झुकाया। आप पहले सिर झुकाकर बता दीजिए।"   योगी ने जैसे ही सिर झुकाया, राजा ने तलवार से उसका सिर काट दिया। बेताल बड़ा खुश हुआ। बोला, "राजन्, यह योगी विद्याधरों का स्वामी बनना चाहता था। अब तुम बनोगे। मैंने तुम्हें बहुत हैरान किया है। तुम जो चाहो सो माँग लो।"   राजा ने कहा, "अगर आप मुझसे खुश हैं तो मेरी प
लिओनेल मेस्सी : जीवनी , रोचक  तथ्य | Lionel Messi Biography & Facts in Hindi

लिओनेल मेस्सी : जीवनी , रोचक तथ्य | Lionel Messi Biography & Facts in Hindi

football game के पर्याय बने लियोनेल मैसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नेमार को ही माना जाता है,चलिए जानते हैं - Lionel Messi की Success Story Hindi में |                                     लिओनेल मेस्सी : जीवन परिचय Messi का जन्म 24 जून 1987 को रोसोरियो , अर्जेंटीना में जार्ज मेस्सी के घर हुआ | मेस्सी के पिता एक factory मजदूर थे |मेस्सी चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं | 5 साल की उम्र में अपने पिता द्वारा दी जा training से स्थानीय क्लब ग्रैंडोली में खेलना शुरू किया |मेस्सी जब 9 साल के हुए तो वह football में इतना निपुण हो गये कि अगर football उनके पास आ जाती तो 15 मिनट तक मेसी का कब्ज़ा football पर ही रहता | देखने वाले लोग ख़ुशी के कारण सिक्के उछालने लगते | 11 साल की उन्हें एक भयानक बिमारी से जूझना पड़ा , वे ग्रोथ हार्मोन की ऐसी कमी से जूझ रहे थे जिसका जल्द इलाज नहीं किया गया तो उनके शरीर का