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कविता

Baarish Yahya Bootwala Lyrics in Hindi

Baarish Yahya Bootwala Lyrics in Hindi

दोस्तों आज में आपके लिए Baarish Yahya Bootwala Lyrics in Hindi डाल रहा हूँ जो Youtube पर काफी Famous हो गई है उम्मीद है आपको पसंद आएगी। Baarish Yahya Bootwala Lyrics in Hindi आज बारिश की ताज़गी ने तुम्हारी याद सी दिला दी। तो बस जैसे ही पहली बूंद सिर पर गिरि तुम्हारी याद सी आ गई। कुछ किस्से याद आ गई। जैसे...याद है कैसे में तुम्हारे चहरे की तरफ देख कर खोया - खोया सा रहता था। बिन मतलब मुसकारया करता था।   तुम पूछा करती थी की क्या देख रहे हो, इस बात से अंजान बनाने की कोसिस की में तुम्हें देख रहा हूँ। क्यूँ ना देखता में तुम्हें उन आंखो को जो कहानी सुनाते सुनाते जिया भी करती थी। कभी - कभी खुसी के कारण इतनी बड़ी हो जाया करती थी की मानो ऐसा लगे की किसी तारे ने जन्म लिया हो। तो कभी अपने आंशुओ के बोझ तले चोटी हो जाया करती थी।     और फिर जान बुझ कर अपनी लतों को कानो के पीछे करने वाली आदत तुम्हारी, की ब
देशभक्ति : स्लोगन | Deshbhakti Slogan , Quoatation In Hindi

देशभक्ति : स्लोगन | Deshbhakti Slogan , Quoatation In Hindi

हो गयी है पीर -         हो गयी है पीर,पर्वत सी पिघलनी चाहिए,        इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चहिये.        आज ये दीवार,परदों की तरह हिलने लगी,        शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिये.         हर सड़क पर,हर गली मे,हर नगर,हर गांव मे        हाथ लहराते हुए,हर लाश चलनी  चहिये        सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीँ        मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिये        मेरे सीने मे नहीँ,तो तेरे सीने मे सही,        हो कहीँ भी आग लेकिन आग जलानी चाहिये. देशद्रोहियों को करारा जवाब : स्वतंत्रता दिवस भाषण |15 August : Independence Day Speech In Hindi     मै मर जाऊँ तो....  मैं मर जाऊँ तो सिर्फ मेरी इतनी पहचान लिख देना,  मेरे खून से मेरे माथे पर "जन्मस्थान " लिख देना,  कोई पूछे तुमसे स्वर्ग के बारे में तो एक कागज के  टुकड़े में "हिदुस्तान" लिख देना,  ना दौलत पर गर्व करते है,  ना शोहर
वीर रस कविता : कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा | Veer Ras Poem In Hindi

वीर रस कविता : कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा | Veer Ras Poem In Hindi

कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा हम डरते नहीं एटम बम्ब, विस्फोटक जलपोतो से , हम डरते है ताशकंद और शिमला जैसे समझोतों से, सियार भेडिए से डर सकती सिंहो की औलाद नहीं, भरत वंश के इस पानी की है तुमको पहचान नहीं, भीख में लेकर एटम बम्ब को तुम किस बात पे फूल गए, ६५, ७१ और ९९ के युधो को शायद तुम भूल गए, तुम याद करो खेतरपाल ने पेटन टैंक जला डाला, गुरु गोबिंद के बाज शेखो ने अमरीकी जेट उड़ा डाला, तुम याद करो गाजी का बेडा एक झटके में ही डूबा दिया, ढाका के जनरल नियाजी को दुद्ध छटी को पिला दिया, तुम याद करो उन ९०००० बंदी पाक जवानो को, तुम याद करो शिमला समझोता और भारत के एहसानों को | पाकिस्तान ये कान खोलकर सुन ले, की अबके जंग छिड़ी तो सुन ले, नमो निशान नहीं होगा | कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगालाल कर दिया तुमने लहू से श्रीनगर की घाटी को, किस गफलत में छेड़ रहे तुम सोई हल्दी घाटी को, जहर