असफलता ही सफलता दिलाती है : Edison , Abraham Linclon,Sandeep Maheswari Ki Saflta Ka Raj

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

सफलता की सारी कहानियो के साथ महान असफलताओ की कहानिया भी जुडी हुई है । फर्क केवल इतना था कि हर असफलता के बाद वे जोश के साथ फिर उठ खड़े हुए । इसे पीछे धकेलने वाली नहीं , बल्कि आगे बढ़ाने वाली नाकामयाबी कहते है । हम सीखते हुई आगे बढ़ते है । हम अपनी असफलताओ से सबक लेते हुई आगे बढ़ते है |

सन 1914 उस समय उनकी उम्र 67 साल थी Edison जबान नहीं रह गए थे और फैक्टरी का बीमा भी को थोड़े पैसों का था इसके बावजूद वह अपनी जिंदगी भर की मेहनत का धुआं बनकर उड़ते हुए देख कर उन्होंने कहा या बर्बादी बहुत कीमती है हमारी सारी गलतियां जलकर राख हो गई हैं मेरे सर को धंयवाद देता हूं कि उसने हमें नई शुरुआत करने का मौका दिया उस तबाही के 3 हफ्ते बाद ही उन्होंने सोनोग्राफी का आविष्कार किया क्या शानदार नजरिया है |

आपने Sandeep Maheshwari का तो नाम सुना ही होगा !!!

संदीप महेश्वरी ने एक बार Happy New Year का एक इवेंट एक दोस्त के साथ मिलकर किया । संदीप ने खूब मेहनत करके वो event successful बनाया । लेकिन event खत्म होने के बाद उसका दोस्त संदीप के भी हिस्से के पैसा लेकर भाग गया ।संदीप घर गए और वहां loud music बजाकर नए साल का जश्न मनाने लगे । घर वालो ने पूछा क्यों संदीप event कैसा हुआ , संदीप कुछ बोल नहीं सके । उनके घरवालों sandeep को खूब समझाया तू बहुत भोला है और सब ।

उस दिन से संदीप ने एक बात जान ली – Success comes from Experiences and Experience comes From bad Experiences
संदीप ने कहा लेकिन संदीप ने हार नहीं मानी , और उसने अपनी गलतियों से सीखते हुए सफलता प्राप्त की ।
कोई और आदमी संदीप की जगह होता तो वो क्या करता , वो अपना दुर्भाग्य मानकर रोता रहता और कभी आगे नहीं बढ़ता ।
संदीप माहेश्वरी का कहना है –
जो होता है अच्छे के लिए होता है।

यह आदमी 21 साल की उम्र में व्यापार में नाकामयाब हो गया , 22 साल की उम्र में वह एक चुनाव हार गया , 24 साल की उम्र में उसे व्यापार में फिर असफलता मिली , 26 साल की उम्र में उसकी पत्नी मर गयी , 27 साल की उम्र में उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया , 34 साल की उम्र में वह कांग्रेस का चुनाव हार गया ,45 साल की उम्र में उसे सीनेट के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा , ४७ साल की उम्र में वह राष्ट्रपति बनने में असफल रहा , 49 साल की उम्र में उसे सीनेट के एक और चुनाव में नाकामयाबी मिली , और वाही आदमी 52 साल की उम्र में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया । वह आदमी अब्राहम लिंकन था |
क्या आप लिंकन को असफल मानेगे ? वह शर्म से सिर झुका कर मैदान से हट सकते थे , और अपनी वकालत फिर शुरू कर सकते थे । लेकिन लिंकन के लिए हार केवल एक भटकाव थी , सफर का अंत नहीं |

दोस्तों,

असफलता , सफलता की पहली सीढ़ी है
Thomas Alva Edison भी 10000 बार फेल हुए। अंततः उन्होंने पूरे विश्व को Electric Bulb  दिया

बीथोवन जब गाते थे तो उनसे कहा गया था कि उनमें संगीत की प्रतिभा नहीं है लेकिन उन्होंने संसार को संगीत की एक से बढ़कर एक रचनाएं दी ,

दोस्तों हमें रास्ते में हूं करें जरुर लगेगी लेकिन वह हमारे लिए प्रेरणा भी बन सकती है और हमें विनम्रता का पाठ पढ़ा सकती हैं इससे हम मुसीबत की घड़ी में अपने अंदर बाधाओं को दूर करने की शक्ति और विश्वास का अनुभव करेंगे जब हमें ठोकर लगेगी तब अपने आप से पूछेंगे कि हमने खुद से क्या सीखा और तभी हम अपने रास्ते के घोड़े को कामयाबी की सीढ़ी बना पाएंगे

दोस्तों अगर आप सोचते हैं कि आप हार गए हैं तो आप हारे हैं ,

अगर आप सोचते हैं कि आप में हौसला नहीं है तो सचमुच आप में नहीं है

अगर आप सोचते हैं कि आप जी नहीं सकते तो निश्चित ही आप नहीं जीतेंगे

अगर आप सोचते हैं कि आप हार  जाएंगे तो आप हार चुके हैं क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती है यह सब हमारी सोच और हम पर निर्भर करता है अगर हम सोचते हैं कि हम बिछड़ गए हैं तो हम बिछड़े हुए हैं तरक्की करने के लिए आपको अपनी सोच बड़ी  करनी होगी कोई सफलता प्राप्त करने से पहले आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा जीवन की लड़ाई हमेशा सिर्फ तेज और मजबूत लोग ही नहीं देते बल्कि आज नहीं तो कल जीता वही आदमी है उसे यकीन है कि वह जीतेगा ।

 

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