एक Speech जिसने बदली लाखो की सोच | Sandeep Maheshwari : Unstoppable Speech [ Hindi ]

Hello HHC’ians आप सब कैसे हो . आज Help Hindi आपके लिए लेकर आया है बहुत ही Motivational Speech Series जिसकी मै शुरुवात कर रहा हूँ, आप सभी के जाने माने Speaker Sandeep Maheshwari की |

हो सकता है आप संदीप माहेश्वरी का नाम पहली बार सुन रहे हो , लेकिन youtube पर इनके लाखो में subscribers हैं और आज इनका टर्न ओवर करोडो का है , फिर भी संदीप दुसरो को प्रेरित करने के लिए Free seminar करते हैं यानि की संदीप किसी भी सेमीनार की कोई फीस नहीं लेते |

संदीप माहेश्वरी की कही गयी बाते वास्तव में अमृत समान है , वो आपको यह पोस्ट पढ़कर पता लग जायेगा | पोस्ट थोड़ी सी लम्बी जरुर है लेकिन आप केवल मेरे कहने से यह पूरी पोस्ट पढ़ जाइएगा |पोस्ट को पढने के बाद आप अपनी सोच को बदला हुआ पायेंगे, ये help hindi का वादा है आपसे –

Good morning everybody ,

Ok, अब बात करते हैं मेरी मै इतना exiteted क्यों हो रहा हूँ | तो ये बहुत simple है , मै अपने हर सेसन से पहले 15 से 20 मिनट के लिए अपनी आंखे बंद कर लेता हूँ | और mind जब पूरी तरह से blank हो जाता है और जब mind में कोई thoughts नही होते तो मै अपने आप से एक question पूंछता हूँ , अगर ये दिन मेरी जिन्दगी का आखिरी दिन हो और मुझे किसी तरीके से पता चल जाये कि – मै कल सुबह नही नही उठने वाला तो मै आज क्या करूँगा | और इसके लिए मेरे 2 आप्शन होते हैं और मै दुसरे वाले को चुनता हूँ |

1st Option कल जब जो होने वाला है , उसे सोच सोच कर मै रोता रहूँ या परेशान हो जाऊं |

2nd Option जो मेरे पास कुछ घंटे बचे हुए हैं , उसमे कुछ ऐसा कर जाऊ ,कुछ भी कि ये जानने के बावजूद भी कल सुबह मै नही उठने वाला फिर भी आज रात चैन से सो सकूँ | बढ़िया नींद आये |

इसलिए आज यहाँ जो कुछ भी होने वाला है , वो मेरे लिए सिर्फ एक सेशन नही है जैसे जैसे सेसन आगे बढेगा आपको समझ में आता जायेगा कि मै क्या बोल रहा हूँ – अब मै आपको बताता हूँ इस सेसन की शुरुवात कहाँ से हुई कि मुझे inspration { प्रेरणा } कहाँ से मिली | आज से 3 महीने पहले मेरे नाम का एक कोरियर आया office में और उस envelope में लिखा था – THE FIRST LIFE CHANGING SEMINAR BY SANDEEP MAHESHWARI जब मैंने देखा तो मुझे लगा किसी ने मेरे साथ मजाक किया है , क्योंकि मुझे अच्छे तरीके से याद था जब मेरा first life changing seminaar था तब वहां केवल 20 -25 लोग बैठे हुए थे और किसी के हाथ में कमरा नही था , मुझे लगा किसी ने मजाक किया है तब मेरे में पता नही क्या आया और मैंने विडियो play कर दिया और जैसे ही विडियो देखनी शुरू कि मेरे तोते उड़ गये | मैंने कहा यार था तो मै ही स्क्रीन पर लेकिन लग मुझे रहा था मै किसी और को देख रहा हूँ |और देखता रहा देखता रहा ….विडियो ख़त्म हुई | उसी टाइम मैंने ठान लिया , अब कुछ भी हो जाये मै अपने failure को केवल अपने तक ही सीमित नही रखने वाला इसको share करूँगा पूरी दुनिया के साथ |शायद आप लोगो को याद भी होगा मै अपने इस expirance को बता भी चूका हूँ , कि मै पुणे में एक mba कॉलेज में गया था और वहां जाकर blank हो गया था |

विडियो दिखाने के बाद संदीप कहते हैं ……………………

आपने देखा होगा मेरी क्या हालत हुई { विडियो में संदीप कुछ भी बोल नही पाए और आज मुझे लगता है शायाद ही संदीप से अच्छा कोई motivational गुरु होगा }

जब मैंने ये विडियो देखी तब ये मेरे दिमाग में चल रहा था कि मै अपना मज़ाक उडवाने के बाद भी मै बाज नही आया | क्यों इसका {संदीप का स्टेज पर blank हो जाने के failure} इजेक्ट जवाब नही मिल रहा था कि इसकी वजह क्या है | एक दिन finally मुझे वह वजह नजर आई जब मैंने एक कहानी पढ़ी जो थी –

ये कहानी है 2 बच्चो की जो एक गाँव मे रहेते थे|  उनमे से एक 6 साल का था और एक 10 साल का .दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे बिलकुल शोले और वीरू के जैसे दोनों हमेसा साथ साथ रहेते साथ – साथ खेलते साथ साथ साथ खाते पीते साथ – साथ नहाते धोते थे .एक दिन वो दोनों  गाँव से थोड़े दूर निकल गए और खेलते खेलते उनमे बड़ा बच्चा था 10 साल वाला कुए में गिर गया और जोर-जोर से चिल्लाने  लग गया क्यों की उसे तैरना  ने नहीं आता था.

अब जो दूसरा बच्चा था 6 साल का उसने अपने आस पास देखा और उसको कोई नज़र नहीं आया और कोई नहीं दिखा जो वो बुला सके Help  के लिए और उसकी एक नज़र पड़ी एक बाल्टी पे जिसके एक रस्सी लगी हुई थी | उसने एक सेकंड भी waste नहीं किया बाल्टी को उठाई और कुए में फेक दिया. और अपनी दोस्त को बोला पकड़ ले इस बाल्टी को और उसके दोस्त ने पकड़ा और वो अपनी पूरी ताकत लगा के पागलो की तरह और उसको खीच ने लगा और खिचता रहा खिचता रहा और अपनी पूरी जान लगा दी उसने छोटे से बच्चे ने 6 साल का और 10 साल का लड़का उस बाल्टी को पकड़ा हुआ था और खिचता रहा खिचता रहा तब तक नहीं रुका जब तक वो अपनी दोस्त को बचा नही लिया और वो बहार आ गया .अब यहाँ तक तो ठीक था .लेकिन यहाँ तक तो कहानी समज आती है   .

लेकिन हुआ क्या जब ये दोनों बच्चे एक हो गए बहार आये ,गले लग गए ,रो रहे और दोनों खुश हो रहे .एक तरफ वो दोनों को डर भी लग रहा था . डर था जब वो गाँव जायेंगे तो बहुत पिटाई होगी जब उनको बताएँगे की हम कैसे कुए में गिर गए और ये सब चीज  हुई लेकिन मजे की बात है एसे कुछ भी नहीं हुआ .और वो जब गाँव गए और जा करके अपने घर वालो को बताया और बाकि गाँव वालो को बताया तो किसी ने विश्वास नहीं किया पूरे गाँव वालो ने .और वो लोग अपनी जगह ठीक थे क्यों की उस बच्चे में इतनी ताकत भी नहीं थी की वो एक बाल्टी पानी से भरी उठा सके तो इतने बड़े बच्चे को इतना ऊपर खीचना बहुत बड़ी बात है |

लेकिन एक आदमी था उस गाँव में उसने विश्वास कर लिया और उनको सब रहीम चाचा कहते थे उस गाँव में सबसे समजदार बुजुर्ग में से एक थे और सबको लगा ये कभी झूठ नहीं बोलते और ये कह रहे है तो जरुर कोई न कोई बात होगी कोई वजह होगी तबी एसे कह रहे है और फिर सरे गाँव वाले इखठे हो कर उनके पास गए .और जा कर बोले, देखो हमें कुछ समज नहीं आ रहा है,आप ही बता दो, एसे कैसे हो सकता है और उनको हसी आ गई और वो बोले देखो इसमें मे क्या बताऊ उस लड़के ने बता तो रहे है वो लोग कैसे किये है बाल्टी को उठा करके फिर कुए में फेका और उसके दोस्त ने बाल्टी पकड़ा उसने रसी को खीचा और अपने दोस्त को बचा लिया तो ये बात बता तो रहे है ये कैसे किया इसमें मे क्या बताऊ, तो सारे गाँव वाले लोग उन्हें देख रहे थे और फिर कुछ देर बाद वो बोले की सवाल ये नहीं है की वो छोटा से बच्चा ये कैसे कर पाया ,सवाल ये है ये क्यों कर पाया की उसको इतनी ताकत कहा से आई और वो बोले इसका एक जवाब है सिर्फ एक जवाब है .की जिस वक्त ये बच्चे ने किया उस टाइम पे उस जगह पर दूर दूर तक कोई नहीं था उस बच्चे को बता ने वाला तू ये नहीं कर सकता .कोई नहीं था कोई नहीं यहाँ तक की वो खुद भी नहीं .

अब मै आप लोगो से पूछता हूँ कि आपको भी उस बच्चे की तरह कोई आवाज सुनाई न दे न दूसरे की न अपनी , तो क्या होगा मज़ा आ जायेगा | उस बच्चे की तरह आपको भी कोई नही रोक पायेगा YOU WILL BE UNSTOPABLE

Theoreticaly तो ये बात सुनने में अच्छी लग रही है लेकिन अगर,PRACTICALLY देखे तो ये बोलने से काम नही चलने वाला | ये जो UNSTOPABLE बनने वाला है ,इसके लिए दो दीवार तोड़नी पड़ेंगी –

1st – पहली आवाजो की – कि आपके ऊपर दूसरों की आवाजो का असर होना बंद हो जाये |

2nd – आप को खुद की अवाज –ये कुछ ज्यादा बड़ी दिवार है |

तो अब देखते हैं कि पहली दीवार को कैसे तोड़ना है |उस कहानी में उस बच्चे को रोकने वाला कोई नही था ,लेकिन क्या real में होता है –नही | क्या होता है हम किसी काम को शुरू करने के बारे में सोचते हैं और सामने से 4 लोग आ जाते हैं रोकने के लिए | चार लोग आ जाते है तरह – तरह से बताने के लिए ये इस इसलिए नही हो सकता | अरे बड़ा सा आईडिया है अरे जब कोई नही कर पाया तो तू क्या करेगा |कितने लोगों के साथ ऐसा हुआ है सबके साथ ऐसा होता है , और होता रहता है मेरे साथ भी पता नही कितनी बार ऐसा हुआ है |

तो सवाल उठता है ऐसे समय में हम क्या करे | ऐसे में न आप उनका मुह बंद कर सकते हैं न अपने कान बंद कर सकते हैं , क्योकि ये सब बोलने वाले कोई और नही आपके अपने relatives , friends , पड़ोसी होते हैं | तो मै आपको बता रहा हूँ कि मै क्या करता हूँ कि जब कोई बोलता है मेरे से कि ये तू नही कर सकता |

मै न तब चुप रहता हूँ मै न उनसे लड़ता हूँ मै सिर्फ उनसे एक वर्ड में एक question पूछता हूँ – क्यों , क्यों नही कर सकता |जैसे ही मै ये करता हूँ तो बहुत मज़ा आता है आप भी कर के देखना |

90 % लोग ऐसे मिलेंगे जिनके पास इस क्यों का जवाब नही मिलेगा | जैसे ही मै पूछता हूँ क्यों – वे सोच में पड़ जाते हैं | वो कहते है – क्या ये कैसा सवाल है | कभी कभी बड़ा funny होता है है आप चाह कर भी अपनी हंसी नही रोक पाएंगे | जैसा की मेरे साथ हुआ – मै तक़रीबन १८ साल का था | मैंने नया – नया फोटोग्राफी का कोर्स किया था , तो हमारे घर में एक छोटा सा फंक्शन चल रहा था | मै अपनी मदर और फादर के साथ खड़ा होकर बाते कर रहा था तभी वहां एक अंटी आई और आकर बोली – संदीप , मैंने कहा हाँ जी अंटी |

अंटी – भाई , क्या चक्कर चल रहा है तेरा आज कल

मै डर गया अंटी को मेरे कैसे नए अफेयर के बारे मे …फिर डरते डरते

संदीप – को –को-कौन सा चक्कर अंटी

अंटी – तो तूने फोटोग्राफी का कोर्स नही किया है तूने , बेटा अगर तू बुरा न माने तो मै एक बात बोलू | बेटा , अगर तू मेरी माने तो तू फोटोग्राफी छोड़ दे और कोई अच्छा काम कर ले |

संदीप –(मैंने वही किया जो मै सदैव से करता हूँ मैंने कहा )क्यों अंटी जी आपको ऐसा क्यों लगता है , ये बेकार की चीज क्यों है |

अंटी – मेरी बहन का बेटा भी गया था बॉम्बे , उसको भी चार साल हो गये धक्के खा रहा है

संदीप – क्यों अंटी जी , अगर वो कुछ नही कर पाया तो मै क्यों कुछ नही पाउँगा |

सीधा सा question है यार ,वो थोड़ी सी इरिटेट हो गयी

उस दिन अंटी ने जो जवाब दिया न उससे मेरा खून १० किलो बढ़ गया हँसते हँसते

अंटी – तेरे कितने % आये थे 12TH में

इसका कोई भी RELATION फोटोग्राफी से नही था लेकिन उनका सवाल था |

संदीप – 85 % आये थे |

फिर उन्होंने मुझे ऐसे देखा जैसे कि उनके सामने मै नही दुनिया का सबसे बड़ा बेवकूफ खड़ा हो |

अंटी – उसके 92 % आये थे |

क्या ऐसी बातो को कोई सीरियसली ले सकता है | बचे 10 % लोग जो रियल्टी में इसका रीज़न बताते हैं

                                        To Be Continude ………….

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