श्री रविशंकर : सर्वश्रेष्ठ विचार | Shri Ravishankar Quotes in Hindi

Quotes 1 : ञान भार है जब ये आपसे आपकी मासूमियत छीन ले। ज्ञान भार है यदि इससे आपकी जि़न्दगी संपूर्ण नहीं हो पाती। ज्ञान भार है यदि ये आपके लिए प्रसन्न्ताएं लेकर नहीं आए। ज्ञान भार है यदि ये आपको विचार देता है कि आप बुद्धिमान हैं। ज्ञान भार है यदि ये आपको कभी भी आराम से नहीं बैठने दें। ज्ञान भार है यदि ये अहसास दिलाता है कि आप विशेष हैं।

Quotes 2 : जब आप अपने दुखों को सभी को बताते हैं तो ये कम नहीं होते। जब आप अपने सुखों को किसी को भी नहीं बताते तो भी ये कम हो जाते हैं। इसलिए अपनी समस्यओं को केवल ईश्वर को बताएं और किसी अन्य को नहीं क्योंकि सभी को बताने से समस्या बढ़ती ही है। अपने सुख सभी को बताएं।

Quotes 3 : प्रसन्न रहने की आदत डालो। यह तुम्हें ही करना है और तुम्हारे लिए यह कोई और नहीं कर सकता।

Quotes 4 : किसी  ऐसे  से  प्रेम  करना  जिसे  तुम  चाहते  हो  नगण्य  है किसी  से  इसलिए  प्रेम  करना  क्योंकि  वो  तुमसे  प्रेम  करता  है  महत्त्वहीन  है .किसी  ऐसे  से  प्रेम  करना  जिसे  तुम  नहीं  चाहते , मतलब  तुमने  जीवन  का  एक  सबक  सीख  लिया  है .किसी ऐसे  से  प्रेम  करना  जो  बिना  वजह  तुम  पर  दोष  मढ़े; दर्शाता  है  कि  तुमने  जीने  की  कला  सीख  ली  है .

Quotes 5 : जि़न्दगी तुम्हें सकारात्मकता और नकारात्मकता दोनों प्रदान करेगी। केवल अच्छे अवसरों पर ध्यान दो और वचनबद्धता के साथ आगे बढ़ते जाओ।

Quotes 6 : जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें.

Quotes 7 : मन को जितना हठ योग है, मन से हार मानकर सरणागत होना प्रेम है, प्रेम मैं सदा हार ही होती है, देखो हम जिसे प्रेम करते हैं उसके सामने झुकते हैं| वह चाहे कुछ भी कहे, चाहे कुछ भी करे|

Quotes 8 : तुम्हे सर्वोच्च  आशीर्वाद  दिया  गया  है , इस  गृह  का  सबसे  अनमोल  ज्ञान  दिया  गया  है .  तुम  दिव्य  हो ; तुम  परमात्मा  का  हिस्सा  हो . विश्वास  के  साथ  बढ़ो . यह  अहंकार  नहीं  है . यह  पुनः : प्रेम  है .

Quotes 9 : ध्यान करने से मन साफ़ होता है, जैसे पानी गंदा है पानी में हलचल है, तो हम अपना प्रतिबिम्ब नही देख पाते है, उसी तरह म

Quotes 1o : चेतना ही शांति है अर्थात आप स्वयं शांति हैं, आप स्वयं सत्य हैं, आप स्वयं ही उर्जा हैं..

Quotes 11 : कुछ लोग होश से काम करते है, मस्त नही रहते | कुछ सिर्फ़ मस्त रहते है, होश से काम नही करते | ऐसे लोग लंगडे है, मस्ती और होश दोनो का ईस्तमाल करके चलना|

Quotes 12 : प्रेम कोई भावना नहीं है. यह आपका अस्तित्व है.

Quotes 13 : यह सम्पूर्ण विश्व को तुम देखते हो, परन्तु तुम इश्वर को नहीं देखते—जो सम्पूर्ण विश्व का जीवन है.

Quotes 14 : मानव विकास के दो चरण हैं- कुछ होने से कुछ ना होना;और कुछ ना होने से सबकुछ होना. यह ज्ञान दुनिया भर में योगदान और देखभाल ला सकता है.

Quotes 15 : दूसरों को सुनो ; फिर भी मत सुनो . अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्याओं में उलझ जाएगा, ना सिर्फ वो दुखी होंगे , बल्कि तुम भी दुखी हो जओगे.

Quotes 16 : न में हलचल है, तो हम अपना स्वरुप नही देख पाते, इसलिए ध्यान करना ज़रूरी ही|

Quotes 17 : “मेरे जीवन का क्या उद्देश्य है?” यह एक प्रश्न हमारे system में, हमारी आत्मा में मानवीय मौल्यों को प्रकाशित करता है| परन्तु इस प्रश्न के उत्तर को पाने में जल्दी मत करो| प्रश्न के साथ रहो| प्रश्न अपने में एक औजार है |जिसके सहारे तुम अपने अन्दर की गहरी में उतर सकते हो|

Quotes 18 : प्रभु ने आपको अपार प्रेम दिया है, घुट-घुटकर क्यों जीते हो, प्रेम से जियो |

Quotes 19 : प्रेम माँगने से कम होता है, देने से बढ़ता है| क्यों की हर व्यक्ति प्रेम चाहता है. प्रेम चाहने से नही, देने से होता है|

Quotes 20 : हम जिससे प्रेम करते हैं, उसकी हर बात बहुत ध्यान से सुनते है| उसका हर काम, हर बात बहुत ही अच्‍छी लगती है, सुंदर लगती है| सबसे प्रेम करो, सब सुंदर लगेंगे|

Quotes 21 : यदि  तुम  लोगों  का  भला  करते  हो , तुम  अपनी  प्रकृति की  वजह  से  करते  हो..

Quotes 22 : तुम्हारा  मस्तिष्क   भागने  की  सोच  रहा  है  और  उस  अस्तर  पर  जाने  का  प्रयास  नहीं  कर  रहा  है  जहाँ गुरु  ले  जाना  चाहते  हैं , तुम्हे  उठाना  चाहते  हैं .

Quotes 23 : स्वयं  अध्यन  कर  के , देख  कर , खोखले  और  खली  होकर , तुम  एक  माध्यम  बन  जाते  हो – तुम  परमात्मा  का  अंश   बन  जाते  हो . तुम  देवत्त्व   की  उपस्थिति को  महसूस  कर  सकते  हो . सभी  स्वर्गदूत  और  देवता , हमारी  चेतना  के  ये  विभिन्न  रूप खिलने  लगते  हैं..

Quotes 24 : प्रेम अधूरा है| और उसे अधूरा ही रहना है| यदि वे पूर्ण हो जाता है, वे अनंत खोज लेता है|

Quotes 25 : श्रद्धा यह समझने में है कि आप हमेशा वो पा जाते हैं जिसकी आपकी ज़रुरत होती है.

Quotes 26 : भविष्य बहुत आरामदायक है| भूतकाल की बड़ाई करना बहुत आरामदायक है| इश्वर को अब, यहाँ, देखना कठिन है| इश्वर को अपने में देखना और भी कठिन है|

Quotes 27 : “मानव” इश्वर और जानवर की प्रवृति के बीच की लड़ी है|

Quotes 28 : ज्ञानी होना लक्ष्य को पाना नहीं है| बल्कि, अज्ञानता से, सारी परेशानियों से और तनाव से छुटकारा पाना लक्ष्य को पाना है| क्योंकि हमारी मूल प्रवृत्ति ज्ञानी होना है| इसीलिए, “मानव” और “इश्वर” दो नहीं हैं| “मानव” उपरी आवरण है और “इश्वर” अंदरूनी|

Quotes 29 : जब तुम कहीं सुन्दरता को देखते हो, जब तुम किसी से प्रेम करने लगते हो, तुम्हारा अगला कदम होता है उस पर अधिकार करना, उसे पा लेना; और जब तुम उसे पा लेते हो, वे अपनी महत्वपूर्णता खो देती है..

Quotes 30 : योग का मतलब भीतर से जुड़ जाना , जैसे की हम अपने मोबाइल को चार्ज करते है| क्या आप मरे हुवे फोन से बात कर सकते है ? नही नाआप को फिर से फोन को दुबारा चार्ज करना पड़ता है |

Quotes 31 : योग की शुरुआत आनंद से होती है, जब आप आनंदमय होते हैं  तो आप सत्य की खोज शुरू कर देते हैं और आपकी यात्रा की शुरुआत हो जाती है..

Quotes 32 : हमेशा आराम की चाहत में , तुम आलसी हो जाते हो. हमेशा पूर्णता की चाहत में तुम क्रोधित हो जाते हो.हमेशा अमीर बनने की चाहत में तुम लालची हो जाते हो.

Quotes 33 : संपूर्ण विश्व ईश्वरीय प्रकाश से व्याप्त है।

Quotes 34 : सुख की लालसा से ही मन भटकता ही की वहां सुख मिलेगा ?

Quotes 35 : जब मन अशांत हो, तो गाने- बजाने और भजन करने से मन ठीक हो जाता है|

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