राज कुमार : डायलॉग | Rajkumar Dialogues In Hindi

RajKumar In Saudagar

हम तुम्हे मारेंगे, और ज़रूर मारेंगे … लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक़्त भी हमारा होगा

RajKumar In Tiranga

हमारी ज़बान भी हमारी गोली की तरह … दुश्मनों से सीधे बात करती है

RajKumar In Tiranga

हम आँखों से सूरमा नहीं चुराते … हम आँखें ही चुरा लेते हैं

RajKumar In Tiranga

ना तलवार की धार से, ना गोलियों की बौछार से … बंदा डरता है तो, सिर्फ़ परवर डीगार से

RajKumar In Saudagar

खाश के तुमने हम में आवाज़ दी होती … तो हम मौत की नींद से उठकर चले आते

RajKumar In Marte Dam Tak

दादा तो इस दुनिया में सिर्फ़ दो हैं … एक उपर वाला और दूसरे हम

RajKumar In Tiranga

हम तुम्हे वो मौत देंगे … जो ना तो किसी क़ानून की किताब में लिखी होगी … और ना ही कभी किसी मुजरिम ने सूची होगी

RajKumar In Betaj Badshah

औरों की ज़मीन खोदोगे, तो उसमे से मट्टी और पत्थर मिलेंगे … और हमारी ज़मीन खोदोगे, तो उसमे से हमारे दुश्मनो के सर मिलेंगे

RajKumar In Tiranga

यह कमॅंडो बड़ा ख़तरनाक है … तुम्हारा बाप है

हुमको मिटता सके यह ज़माने में दूं नहीं … हुंसे ज़माना खुद हैं … ज़माने से हम नहीं

RajKumar In राज कुमार इन मरते दम तक

हम तुम्हे ऐसी मौत मारेंगे … तुम्हारी आने वाली नसालों की नींद भी यूयेसेस मौत के ख़ौफ़ से उध जाएगी

RajKumar In Heer- Ranjha

बसाकर दिलों को मित्ताती है दुनिया … हसकर हमेशा रूलाती है दुनिया

RajKumar In Betaj Badshah

हम अपने कदमो की आहत से हवा का रुख़ बदल देते है

RajKumar In Tiranga

अपना तो उस्सूल है … पहले मुलाक़ात, फिर बात, और फिर अगर ज़रूरत परे तो लात

जिनके अपने घर शीशे के हूँ … वो दूसरों पर पत्थर नही फेंका करते

RajKumar In Betaj Badshah

जब हम मुस्कुराते है … तो दुश्मनो के दिल दहील जाते है

बूटियाँ नोचने वाला गीदार … गला फाड़ने से शेर नहीं बन जाता

RajKumar In Bulandi

जब सर पर बुर्रे दिन मंडराते है … तो ज़बान लंबी हो जाती है

हम कुत्तों से बात नहीं करते!

RajKumar In Tiranga

हम किसी से भी, किसी वक़्त भी, कहीं भी मिल सकते हैं … हमारा जब दिल चाहे

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