खर्राटे रोकने के उपाय – Hindi remedies for snoring

खर्राटे क्या हैं ?

सोते समय गले को पीछे का हिस्‍सा थोड़ा संकरा हो जाता है। ऐसे में Oxygen जब संकरी जगह से अंदर जाती है तो आस-पास के Tissue vibrate होते हैं। और इस vibration से होने वाली आवाज को ही खर्राटे कहते हैं। रात को सोते समय रोगी इतनी तेज आवाज निकालता है कि उसके पास सोना बिल्कुल मुश्किल हो जाता है।

खर्राटे की समस्या क्यों हो सकती हैं ? Top 12 reason

  • देर तक काम करना और पर्याप्त नींद न लेना..
  • बेहद थके हैं और जमकर सोते हैं तो उससे भी आपकी मसल्स रिलैक्स होकर ढीली हो जाती हैं, जो खर्राटे का कारण बनती हैं…
  • ज्यादा वजन होना …
  • नाक की सुजन.
  • जीभ मोती होना…
  • अधिक धूम्रपान करना…
  • शराब या नशीले पदार्थो का सेवन करना…
  • रात को अधिक भोजन करना…
  • मुह को खुला रख कर सोना..
  • पीठ के बल सोन .
  • सोने का एक समय निर्धारित न होना..
  • एक दूसरा कारण अगर आप झूठ बोलतें है तो भी आ सकतें है खर्राटे..

खर्राटे की समस्या किसको हो सकती हैं ?

यह समस्या किसी को भी हो सकती है. इस बीमारी से ग्रसित लोगो को tonsils होना, जबड़े की हड्डी का बढ़ना, साइनस की समस्या आदि हो सकती है. कई बार परिवार में किसी को यह समस्या हो तो बच्चों को भी इसके होने की आशंका रहती है.खर्राटे की समस्या महिलाओ और वयस्क पुरुष दोनों में होती है।

40 % महिलाओ में यह समस्या होती है जबकि 30 % व्यस्क पुरुषो में यह समस्या होती है जो की बड़े पैमाने पर दुःख की बात है विशेष रूप से बुजुर्ग खर्राटो से कमजोर हो जाते है 84 वर्ष की आयु तक  पुरुषो को खर्राटे ज्यादा आते है है और 50 वर्ष की आयु तक महिलाओ को खर्राटे ज्यादा  आते है खर्राटे सामाजिक निहितार्थ के अलावा महत्वपूर्ण पेशेवर चिकित्सा में शामिल हो सकते है..

हल्‍के में न लें खर्राटे

खर्राटे, जिसमें व्‍यक्ति सोने के बाद नाक से तेज आवाज के साथ सांस लेता और छोड़ता है। क्या आपको खर्राटे की समस्या है? क्‍या कभी आप खर्राटे की समस्‍या को लेकर doctor के पास गए हैं? नहीं! अधिकतर लोग खर्राटे को एक साधारण प्रक्रिया समझकर टालते हैं, पर खर्राटे Sleeping disorder का हिस्सा भी हो सकता है। इसलिए खर्राटों से बचने के उपाय करने चाहिए।

वैसे खर्राटे नींद के दौरान होने वाला असामान्य व्यवहार है वैसे तो इस बीमारी का उपचार करना आसान है लेकिन बहुत बार इसे ठीक करना कठिन हो जाता है. इसलिए इसके लक्षणों को वक्त पर समझना ज़रूरी है ताकि समय पर इसका इलाज किया जा सके .

चलिए दोस्तों अब जानेंगे इसका उपाय क्या हैं…

खर्राटे रोकने के उपाय [ sleeping problem solution in Hindi ]

यहाँ कुच घरेलु नुस्खे दिए गएँ हैं जिसे आप आसानी से उपयोग में ले पायेंगें…

  • खर्राटे की समस्या को दूर करने के लिए 1 ग्लास गुनगुने पानी में 3 चम्मच दालचीनी के पाउडर को मिलकर पीना चाहिए.
  • रात को सोने से पहले कम से कम 1 कप दूध पीने से भी खर्राटे आना बंद हो जाते है.
  • साइनस की समस्या से भी खर्राटे आना शुरू हो जाते है. इसलिए जब भी साइनस की परेशानी हो तो चिकित्सक की सलाह ले
  • अधिक धूम्रपान से बचे अधिक धूम्रपान करना सेहत के लिए हानिकारक होता है. यह कैंसर के साथ-साथ स्लीप एपनिया का कारण भी बनता है धूम्रपान से निकालने वाला धुआ, सीधे हमारे हृदय और फेफड़ो तक जाता है. इससे फेफड़े कमजोर पड़ने लगते है और ऑक्सिजन का सही से प्रभाब नही हो पता है.इस वजेह से साँस संबंधी समस्या होने लगती है और कई बार साँस लेते समय आवाज़ आने लगती है जिसे खराटे कहा जाता है.
  • अधिक से अधिक पानी पिए पानी हमारे शरीर में नामी को बनाए रखने में मदद करता है. जब शरीर मे पानी की कमी होती है तो हमारी नाक की नली भी सुख जाती है. इस वजेह से साँस लेने मे परेशानी होने लगती है और खराटे आना शुरू हो जाते है. इसलिए दिनभर कम से कम 8 ग्लास पानी ज़रूर पीना चाहिए.
  • पीठ के बल सोने से बचे रात में सोते समय पीठ के बाल सोने की बजए पेट के बल या फिर करवट लेकर सोना चाहिए. इससे साँस लेने में तकलीफ़ नही होती है और चैन की नींद आती है
  • वजन कंट्रोल करें और नियमित योग करें…

अब हम दुसरें उपायों की बात करेंगे जो आप हर रोज़ कर सकतें हैं या फिर कुछ ऐसे प्रोबलम की बात करेंगे जिसे आपको दूर रहना हैं…

खर्राटे रोकने के 15 उपाय

1. मन रखें शांत

जिन्हें रात को सोते समय खर्राटे लेने की आदत हो उसे खर्राटे से बचने के लिए रात को सोते समय मन को शांत व मस्तिष्क को बाहरी विचारों से मुक्त रखकर सोना चाहिए।

2. करवट लेकर सोना

क्या आप तनावपूर्ण है या सोने के साथ साथ झूठ बोल रहे है तो खर्राटे होने का खतरा हो सकता है आप अगर पीठ के बल सोना वैसे तो आदर्श तरीका होता है लेकिन इस मुद्रा में सोने से खर्राटों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में खर्राटों से बचने के लिए आप अगर करवट के बल सोएंगे तो खर्राटों की आशंका कम होगी।

3. भरपूर पानी पीएं

क्‍या आप जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी से भी खर्राटे आते है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो नाक के रास्ते की नमी सूख जाती है। ऐसे में साइनस हवा की गति को श्वास तंत्र में पहुंचने के बीच में सहयोग नहीं कर पाता और सांस लेना कठिन हो जाता है। ऐसे में खर्राटे की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। इसलिए सेहतमंद और खर्राटों से दूर रहने के लिए दिनभर भरपूर पानी पीएं |

4. धुम्रपान से दूर रहे..

धूम्रपान से खर्राटों की संभावना अधिक होती है। धूम्रपान वायुमार्ग की झिल्‍ली में परेशानी पैदा करता है और इससे नाक और गले में हवा पास होना रूक जाती है। इसलिए अगर आपको खर्राटों की समस्‍या हैं तो धूम्रपान छोड़ दें।

5. अपनी एलर्जी की प्रतिक्रिया की देखभाल

अगर रोगियों को संभवतः दमा एलर्जी की प्रतिक्रिया हो रही है या वे सो रहे है और होंठो के माध्यम से हवा ले रहे है तो खर्राटे की समस्या बढ सकती है आपको इससे मदद मिलेगी अगर आप सोने से पहले एक antihistamine का उपयोग करेंगे और आपको खर्राटे नही आएगे।

6. वजन कम करें

अधिकतर मोटे लोग ही खर्राटों की समस्‍या के शिकार होते हैं। गले के आप-पास अधिक वसा युक्त कोशिकाएं जमा होने से गले में सिकुड़न होती है और खर्राटे की ध्वनि निकलती है। तो अगर आप भी खर्राटों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो अपना वजन कम करने के उपाय करें।

7. वातावरण को नम बनाएं 

यह काफी आवश्यक है कि बैडरूम का वातावरण नम रहे। खर्राटे रोकने के उपाय, इसके लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें। हवा सूखी होने से नाक के मेम्ब्रेन में परेशानी हो सकती है। इस प्रक्रिया में गले में भी खुजली तथा परेशानी होती है। चीज़ों को सामान्य रखने के लिए यह आवश्यक है कि आप बैडरूम का वातावरण नम रखें जिससे कि गले और नाक पर सूखेपन का हमला ना हो सके।

8. नींद की गोलियों से बचें

नींद की गोलियों मांसपेशियों पर विपरीत प्रभाव डालती है। सोने के लिए अगर आप शराब, नींद की गोलियों या अन्‍य दवाईयों का इस्‍तेमाल करते है तो बंद कर देना चाहिए। क्‍योंकि इससे भी खर्राटे आते है।

9. सोने का समय

नियमित रूप से एक ही समय पर सोएं। सोते समय अपने शरीर को पूर्ण आराम दें तथा सोते समय ध्यान रखें कि किसी भी अंग पर जोर न पड़ें।

10. मुद्रा बदलने की क्रिया को जानें 

खर्राटे रोकने के उपाय, अगर आप खर्राटे लेने की समस्या से उबरना चाहते हैं तो आपको मुद्रा बदलने की क्रिया जाननी पड़ेगी। इसके लिए अपने सिर को सामान्य से 4 इंच ऊपर उठाकर रखें। इससे आप सही प्रकार से सांस ले पाएंगे। इस प्रक्रिया में जीभ और जबड़ा आगे आते हैं। इससे आप आसानी से साँस ले पाते हैं और आपको खर्राटों की समस्या भी नहीं सताती है।

11. एक्‍सरसाइज करें

जिस तरह से बॉडी की एक्‍सरसाइज करने से सारी मांसपेशियां मजबूत होती है। उसी तरह खर्राटों को कम करने के लिए गले की मांसपेशियों की एक्‍सरसाइज होती है।

12. सिर ऊंचा करके सोएं

अगर आपको खर्राटे की समस्‍या है तो आपको सोते समय सिर को थोड़ा ऊंचा करके सोना चाहिए। ऐसा करने से खर्राटे की समस्‍या से बचा जा सकता है।

13. भोजन की मात्रा कम लें

रात को सोने से पहले ज्‍यादा भोजन करने से भी खर्राटे की समस्‍या होती है। अगर आप भी इस समस्‍या से परेशान हैं तो सोने से पहले हल्‍का और कम भोजन करें, साथ ही साथ ही अधिक देर तक जागने से भी बचे।

14. को पूर्ण आराम

सोते समय अपने शरीर को पूर्ण आराम दें तथा सोते समय ध्यान रखें कि किसी भी अंग पर जोर न पड़ें।

15. नमक कम खाएं

नमक की अधिकता शरीर में ऐसे तरल पदार्थ का निर्माण करता है जिससे नाके के छिद्र में बाधा उत्‍पन्‍न होती है और खर्राटे आने लगते है। शोधकर्ता प्रोफेसर जिम हॉर्न के अनुसार, डाइट से नमक कम करके गले की भीतरी सूजन को कम करने में मदद मिलती है जिससे खर्राटे को रोकना आसान हो जाता है।

खर्राटे लेने से कैसे बचें 

खर्राटे का आयुर्वेदिक इलाज, गले के ऐसे कई व्यायाम हैं जिनसे खर्राटे लेना काफी कम हो जाता है। यह काफी आवश्यक है कि आप ये व्यायाम हर रोज़ 30 मिनट तक करें। यह एक प्रभावी तरीका है जिससे कि आप खर्राटे लेने की प्रक्रिया को कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको वॉवेल या स्वरों की आवाज़ों का उच्चारण करना होगा। इस प्रक्रिया में आपकी जीभ काफी मुड़ेगी जिससे कि ऊपर के सांस लेने के स्थान की मांसपेशियां मज़बूत होंगी। इस व्यायाम से खर्राटों से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है।

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