सफलता की कुंजी| आत्मविश्वास | Motivational Story

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life में बोहुत बार ऐसा होता है जो कुछ हम करतें हैं अगर सफ़ल हुयें तो credit खुद पर लेतें हैं किंतु जब हम किसी चीस में असफ़ल होतें हैं तो उसको कारण दूसरों पर दाल देतें हैं|

और सोचतें हैं की फलाने इंसान की वजह से ये हुवा या फिर कुछ रिश्तेदार की वजह से हुवा या फिर कोई भी ऐसा कारण दूंध लेतें हैं जिससे हम अपने आप पर खुद की असफ़ल का कारन बना सकें…

पर असल में हमारी सफ़लता या फिर हमारी असफ़लता का सबसे बड़ा कारण हम ख़ुद होतें हैं दोस्तों चलिए आज एक ऐसी कहानी आपके साथ शेर करतें हैं जो आपको निराशा से सफलता तक ले जाएगी..

निराशा से सफलता तक ले जाने वाली कहानी

एक कम्पनी के मालिक ने देखा कि उसकी कम्पनी के सारे कर्मचारी बड़े ही निराश और दुःखी जैसे दिखते थे।

उनके अंदर आत्मविश्वास और ऊर्जा जैसे खत्म हो चुकी थी।

कम्पनी के मालिक ने उन लोगों को फिर से नयी शक्ति और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए एक नयी तरकीब सोची..

सुबह जैसे ही सभी कर्मचारी कम्पनी के अंदर जाने लगे अचानक उन्होंने देखा कंपनी के बाहर एक नोटिस लगा हुआ था कि जो व्यक्ति कल तक आपको आगे बढ़ने से रोक रहा था, आज उसकी मौत हो गयी है और आप अंदर जाकर उस व्यक्ति से अंतिम बार मिल सकते हैं..

सारे लोगों को ये बात जानकर बड़ी ही खुशी हुई कि चलो जो व्यक्ति हमारे विकास को रोक रहा था वो मर चुका है लेकिन इस बात का दुःख भी था कि अपने साथ का एक कर्मचारी अब नहीं रहा।

अब सबके मन में एक ही सवाल आ रहा था कि वो व्यक्ति आखिर है कौन जो हमें आगे बढ़ने से रोक रहा था और आज उसकी मृत्यु हो गई है। इसी उधेड़बुन में एक एक करके लोग अंदर जाने लगे।

अब जैसे ही वो एक एक करके अंदर गए, अंदर का नजारा देख कर वो अवाक् रह गए , मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल पाया। अंदर कुछ नहीं था, वहां केवल एक शीशा लगा हुआ था जिसके नीचे एक छोटा सा नोट लिखा हुआ था कि केवल आप ही वो इंसान हैं जिसने अपनी क्षमता के दायरे को छोटा बनाया हुआ है, आप खुद अपने सुख, दुःख, सफलता , असफलता के जिम्मेदार हैं।

कंपनी बदलने, अपने बॉस बदलने या दोस्तों को बदलने से आपकी जिंदगी कभी नहीं बदलेगी। अपनी जिंदगी बदलनी है तो खुद को बदलना होगा, अपनी क्षमता को पहचानना होगा, अपने मन में जो छोटे दायरे बना लिए हैं उस दायरे से बाहर निकलना होगा। फिर देखिए एक दिन पूरी दुनिया आपको सलाम करेगी।

जब एक अंडा बाहर से फूटता है तो एक जिंदगी का अंत होता है लेकिन जब वही अंडा अंदर से फूटता है तो एक नयी जिंदगी का जन्म होता है। अपने अंदर की शक्तियों को जगाओ, आप अपार क्षमतावान हो।

आप असफल हो तो इसके जिम्मेदार भी खुद ही हो। खुद को कोसना और दूसरों को दोष देना बंद करो और पूरी मेहनत से जुट जाओ जैसे एक नया जन्म मिला हो।

दोस्तों वैसे भारत की शान पर सभी तरह के आर्टिकल आपको मिल जायेंगे हमारी कोशिश हैं की हम रियल life के कुछ उदाहरण दे कर आपको आगे आने में help कर पाएंगे..

भारत की शान का यह छोटासा क़दम हैं लोगों में जागरूकता लाना और सफल बनाना हमारा साथ जरुर दीजिये आर्टिकल अच्छा लगे तो बिना हिचकिचा कर शेर कीजिये स्मार्ट लोग अच्छी बातें और अच्छे विचार लोगों तक तुरत पोहुचातें हैं..

धन्यवाद

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