Karoly Takacs Story in Hindi | एक ऐसी Real Motivational Story जो आपके बहाने तोड़ने के लिए काफी है

friends आज मै Karoly Takacs की Motivational and inspiring story in Hindi आप सभी से share कर रहा हूँ |अगर आप किसी भी काम में असफल होते हो तो आप गलती देते हो , conditions की | आप बहानो की लिस्ट में से कोई अच्छा बहाना निकाल कर वह बहाना बताते हो ,कि  मै इस वजह से असफल हुआ |

Tags – karoly Tackacs story in hindi, Motivational Stories In Hindi

आप किसी Losser के पास जाओगे तो उसके पास List होगी बहानो की , कि मै इस वजह से Fail हुआ ,इस वजह से मै कुछ नहीं कर पाया |दूसरी तरफ आप winer की तरफ चले जाओ जिसके पास हज़ार वजह होंगी वो जो करना चाहता है न करने की ,सिर्फ एक वजह होगी जो वह करना चाहता है और वह कर जाएगा |

karoly Tackacs की जीवन में कठिनाइयों की बाढ़ आई ,जिनके सामने हमारी कठिनाइयाँ तो न के बराबर है लेकिन Karoly ने हार नहीं मानी , और उन मुसीबतों का डट कर जवाब दिया |

karoly Tackacs को समर्पित उनकी ये अजेय कहानी –

 

Karoly Takacs

       Karoly Takacs -The man With Only Hand

ये कहानी है 1938 की Karoly Takacs नाम के एक आदमी की ,जोकि हंगेरी की आर्मी का best Pistal Shooter था ,जितनी भी national ChamipionShip उस Country में हुई थी वो वह जीत चुका था |और हंगरी के लोगो को यह अच्छी तरह से पता था की 1940 में जो Olympic Games होने वाले है उसमे Karoly का Gold Medel पक्का है ,केरली ने सालो से Tranining की थी |उसका एक ही सपना था की मुझे इस हाथ को दुनिया का Best Shooting Hand बनाना है ,और वो कामयाब हो गया , 1938 के एक army के  ट्रेनिंग कैंप  चल रहा था ,उसमे एक दुर्घटना के करना  Karoly Takacs का हाथ ख़राब हो गया | जो उसका सपना था वो सब बेकार चला गया |अब उसके पास केवल एक ही चारा था -की वो यह सोच कर बार बार रोये , की उसका सपना अधूरा रह गया , उसकी मेहनत खराब चली गयी |या वह अपने सपने को फिर से जिन्दा करे |तो उसने उस पर Focus किया उस पर नहीं जो चला गया था ,जो उसके पास नहीं था उसने Focus किया जो उसके पास था ,क्या था उसके पास पास में – उसका Left hand ,एक ऐसा हाथ जिससे वो लिख तक नहीं सकता था , Shooting करना तो दूर की बात थी |

1 महीने तक उसका इलाज चला और एक महीने बाद ही उसने Training शुरुवात कर दी अपने  Left Hand से |

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ट्रेनिंग के एक साल बाद यानि की 1939 में,वो वापस आया ,National Championship हो रही थी हंगरी में बाकी बहुत से पिस्टल Shooter थे वहां पर ,उन लोगो जाकर Karoly को Congreats किये , उन्होंने कहा देखो ये होता है जज्बा ,ये होती है Sportsman Sprit की इतना सब होने के बाद भी तुम यहाँ आये हो हमारा उत्साहवर्धन करने के लिए , हमारा हौसला बढ़ाने के लिए |किसी को नहीं पता था कि – वो एक साल से Training कर था Left hand से shoot करने की ,और उसने जवाब दिया – मै यहाँ पर तुम्हारा हौसला बढ़ाने नहीं आया हूँ ,तुम से Comptition करने के लिए आया हूँ , तुमसे लड़ने आया हूँ ,तैयार हो जाओ |

और comptition हुआ ,बाकी जो Comptiters से वो shooting कर रहे थे अपने best hand से , केरली beat कर रहा था अपने “Only Hand” से, कौन जीता  The Man With Only Hand

लेकिन वो यहाँ नही रुका क्योंकि उसे Country का नहीं , पूरे World का best Pistel Shooter बनना था | उसने अपना सारा Foucs उठा कर डाला 1940 के Olympic Games पर ,लेकिन 1940 के Olympics Cancel हो गये |उसने 4 साल का इन्तजार किया 194 4 को लेकिन भगवान् को कुछ और ही मंजूर था , 1944 के Olympics भी Cancel हो गये ,World war की वजह से |

उसने अपना सारा Foucs उठा कर डाल दिया 1948 पर – 1938 में जब  Karoly का right hand चला गया  तो करेली  की Age थी 28 Year, लेकिन अब 1948 olympics के time उसकी age हो गयी थी 38

और Olympic में नए age के जो Compteters आते है पूरे Worlds से ,उनसे comptition और ज्यादा मुश्किल हो जाता है , लेकिन मुश्किल word तो था ही नहीं उसकी  Dictonary में |

वो गया ,जहाँ पूरे world के best shooters आये हुए थे , जो अपने best hand से Comptiton कर रहे थे , लेकिन वो केवल अपने Only hand से comptition कर रहा था |

कौन जीता –The Man With Only Hand – Karoly

4 साल बाद 1952 से दुबारा से उसने फिर अपना कीर्तिमान बनाया , और रिकॉर्ड बनाया लगातार दोबार Gold Medel जीतने की |

 

ऐसे ही जुड़े रहिये Victory Addas के साथ , हम ऐसी ही Motivational कहानियां आपसे share करते रहेंगे |

 

 

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