चलते रहो : Carry On | Motivational Story [Hindi]

एक बार धीरू भाई अम्बानी किसी अर्जेंट meeting में जा रहे थे | रास्ते में भयंकर तूफ़ान आ गया तो ड्राईवर ने अम्बानी से पूछा – अब हम क्या करे | अम्बानी ने जवाब दिया – कार चलाना जारी रखो |तूफ़ान में कार चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा था , तूफ़ान धीरे धीरे और भी भयंकर होता जा रहा था | ड्राईवर ने फिर पूछा – अब मै क्या करू | अम्बानी ने फिर से वही कहा – कार चलाते रहो | थोडा आगे जाने पर ड्राईवर ने यह देखा कि तूफ़ान की वजह से कई वाहन तूफ़ान में फँसे हुए थे | ड्राईवर ने अम्बानी से कहा – साहब मुझे कार रोक देनी चाहिए क्योंकि मै अच्छे से देख नहीं पा रहा हूँ | यह भयंकर है सभी लोगो ने अपनी गाड़ी रोक दी है , हमें भी रुक जाना चाहिए | अम्बानी ने फिर कहा – कार रोकनी नहीं है , बस चलते रहो |

तूफ़ान ने बहुत ही भयानक रूप धारण कर लिया लेकिन ड्राईवर ने कार नहीं रोकी, और वो चलता रहा | अचानक ही उसे अब साफ़ दिखने लगा | कुछ किलोमीटर आगे जाने पर उसने देखा आसमान बिलकुल साफ़ हो गया , और सूरज निकल आया है |

अब अम्बानी ने कहा – तुम कार रोक सकते हो और बाहर आ सकते हो | चालक ने पूछा – लेकिन साहब जी अब क्यों ?

अम्बानी ने कहा – जब तुम बाहर आओगे तो देखोगे कि जो लोग रास्ते में फंसे हुए थे वो अब भी रास्ते में ही फंसे हुए हैं , और तुम कार चलाना नहीं छोड़ा इसलिए तुम तूफ़ान के बाहर हो |

यह किस्सा उन लोगो के लिए प्रमाण है – जो कठिन समय से गुजर रहे हैं |मजबूत से मजबूत इंसान भी प्रयास छोड़ देते हैं लेकिन सफलता उनको ही नसीब होती है जो लगातार परिश्रम करते रहते हैं | निश्चित ही जिन्दगी के कठिन से कठिन समय समय गुजर जाएंगे और सुबह के सूरज की भांति चमक आपके जीवन में आएगी |

 

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