ईदगाह : मुंशी प्रेम चन्द्र : Idgah Story In Hindi

दोस्तों आज मै one of my faourite Story – ईदगाह (idgah) आप लोगो से share करने वाला हूँ , हो सकता है इसे आपने पहले कही पढ़ी हो ,लेकिन अगर आपने इसे नहीं पढ़ी तो यकीनन आप इसे पढ़कर द्रवित जरुर हो उठेंगे |

ईद का दिन था जो छोटे बच्चो को बहुत ही सुहाना लगता है , न केवल बच्चे बड़े भी इसका आनंद लेते है | ईद के सभी बच्चे अपने अपने पैसों को बार बार गिन रहा थे | हामिद एक छोटा गरीब लड़का है , वह अपनी दादी अमीना के साथ रहता है | जब वह छोटा था तभी उसके माता पिता गुजर गए | ईद के दिन हामिद को अपनी दादी से केवल तीन रूपये ही मिले थे, जिसे वह लेकर पूरे मेले में घूमता रहा | सब बच्चों ने मिठाइयाँ खायी और खिलोने खरीदे , लेकिन हामिद ने कुछ भी नहीं खरीदा | सब बच्चो को ये लग रहा था की हामिद इसलिए कुछ नहीं खरीद रहा है ,क्योंकि जब हमारे पैसे खर्च हो जायेंगे उसके बाद वह उन्हें चिढ़ा चिढ़ा कर खा सके |जब मोहिसिन , महमूद , सम्मी , और नूरे के पैसे खर्च हो जायेंगे तब वह उन्हें चिढ़ाकर खायेगा | लेकिन बहुत देर तक हामिद ने कुछ नहीं खरीदा , अचानक उसे एक लोहे का चिमटे की दुकान दिखी जिसे देखने के बाद , उसे अपनी दादी की याद आ जाती है , कि जब उसकी दादी तवे से रोटी उतारती है तो उनका हाथ जल जाता है और फिर हामिद लोहे का चिमटा खरीद लेता है | उसने दोस्तों के बीच आकर अपने चिमटे के गुणों का बखान शुरू किया कि – यदि चिमटे को कंधे पर रख लिया जाय तो यह बन्दूक का काम करेगा , चिमटा ही आग पानी को टक्कर दे सकता है ,और चिमटा ही एक फ़कीर की दुआ का काम करता है | उसके चिमटे को गुणों को सुनकर उसके सभी साथी दंग रह गये | जब हामिद घर पहुचता है तो उसकी दादी चिमटा देखकर पूछती है की वो चिमटा कहाँ से लाया है |तो उसने सब कुछ बता दिया | उसकी दादी ने कहा – पूरी दोपहर हो गयी तूने खुच खाया नहीं और ये चिमटा उठाकर लेता आया |फिर हामिद ने धीरे से कहा – रोटी बनाते समय तुम्हारे हाथ जल जाते थे इसलिए मैंने यह चिमटा खरीद लिया , इतना सुनते ही दादी का दिल पसीज गया और उन्होंने हामिद को गले लगाया और सोचा की हामिद के अन्दर मेरे लिए कितना त्याग और असीम प्रेम भरा है | क्या दुसरे बच्चो को मिठाइयाँ , खिलोने खरीदते हुए उनका मन ललचाया न होगा ? इतना सहन इसे कैसे हुआ ? वहां भी अपनी दादी की याद बनी रही | अमीना का मन गदगद हो गया | दादी माँ हामिद से लिपट कर रोने लगी और दुवाए देने लगी |

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