चरवाहा और भेड़िया – Inspiring Story

कहतें हैं जो जैसा दूसरों के लिए सोचेगा उसे वैसे ही मिलेगा, आप सोच रहें होंगे की ये कैसे जैसे की आप अगर किसी को परेशानी में डालेंगे तो आपको भी परेशानीयों का सामना तो करना ही पड़ेगा |

आज हम आपके साथ एक ऐसी कहानी Share करेंगे जिससे आपको काफी अच्छी सिख मिलेगी ये कहनी हैं एक ऐसे चरवाहें की जो झूठ से सब को परेशानी में ला देता था पर आखिर कार उसका झूठ उसी को मेहगां पड़ा ….

चरवाहा और भेड़िया शिक्षाप्रद हिन्दी कहानी

 

एक गांव में एक चरवाहा रहता था और वह अपने बकरियों को गांव के ही समीप वाले जंगल में चराता था.एक बार उस चरावाहे ने गांव वालो से मजे लेने की सोची और वह जोर से चिल्लाया- भेड़िया आया, बचाओ-बचाओ, भेड़िया आया.

उसकी यह आवाज सुनकर गांव वाले दौड़ के उसके पास गये और बोले- कहाँ है भेड़िया तो उस चरवाहे ने गांव वालो से झूठ बोला की भेड़िया अभी आया था अब वह चले गया.

गांव वाले उसकी बात सुनकर चले गये.

दुसरे दिन वह चरवाहा फिर चिल्लाया की कोई बचाओ भेड़िया आया तो गांव वाले यह सब सच मानकर जंगल की ओर दौड़े लेकिन उनको आज भी भेड़िया कही नजर नहीं आया और वे वापस चले आये.

एक हफ्ते बाद उस चरवाहे ने फिर वही करा और नतीजा वही रहा तो गांव वाले समझ गये की यह झूठ बोलता है और हमें यूं ही परेशान करता है.

किन्तु कुछ दिनों बाद जंगल में सच में दो भेड़िये आ गये तो वह चरवाहा अपने बकरियों को भेडियो से बचाने के लिए गांव वालो से मदद मांगने लगा और जोर-जोर से चिल्लाने लगा-बचाओ-बचाओ, कोई मेरी बकरियों को बचाओ भेड़िया आ गया,कोई उसकी मदद करो,बचाओ-बचाओ.

जब उसकी चिल्लाने की आवाज गांव वालो ने सुनी तो वे सब लोग इकटठा हो गये लेकिन उसकी मदद के लिए आज कोई भी नहीं आया क्योंकि गांव वालो को लगा की यह रोज की तरह आज भी हमें परेशान कर रहा है और झूठ बोल रहा है.इसलिए वे लोग उसकी मदद के लिए आज नहीं गये.

जब उसकी मदद की लिए कोई नहीं आया तो उसके बकरियों को भेडियो ने मार डाला और वह अपनी बकरियों को बचाने में असफल रहा.

Final Word:- इस छोटी से कहानी से स्पष्ट होता हैं की चरवाहा हर रोज गांव वालों को झूठ बोलता था इसी लिए चरवाहें का साथ देनें कोई नहीं आया, और नाहीं किसी ने उसका साथ दिया…

इस कहानी से हमें सिख मिलती है की हमें कभी भी किसी भी इंसान को झूठ नहीं बोलना चाहियें नहीं बेवजह किसी को परेशानी देनी चाहिए , इतना हमें अपने दिल और दिमाग में गांठ बना लेना है की अगर किसी का भरोसा एक बार हमनें तोड़ा तो उसे वापस लाना उतना ही कठिन होगा जितना मरें हुयें इंसान में फिर से जान लाना…..

हमें अपनी लाइफ हमेंशा सचाई के रस्तें पर चलाना चाहिए सचाई का रस्ता कठिन भलें ही होगा पर आपको सचाई के रस्ते से आपको जो सफलता मिलेगी वो कभी सपने में नहीं हम सोच सकतें….

अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी तो कृप्या अपने दोस्तों से जरुर share करें और helpहिन्दी से जुड़ें रहें और पढ़तें रहिये और आगे बढतें रहिये…

धन्यवाद

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